कार्यवाही

२२ जून २०११ की सुबह, स्पेन राष्ट्र के सुरक्षा बलों ने, राष्ट्र के विभिन्न भागों (मॅड्रिड, अस्टुरियस, यूस्कॅडी और गेलिशिया) के १२ कार्यकर्ताओं के घरों में प्रवेश किया. कई गिरफ्तार कार्यकर्ता एक़ुआनिमल और इगुअलडद अनिमल जैसे संगठनों में मुखिया व प्रवक्ता जैसे ज़िम्मेदारी के पदों को संभालते थे. बाकी कार्यकर्ताओं ने पशुओं की रक्षा के लिए इन संगठनों में अतीत में सक्रिय रूप से काम किया हैं.

घरों पर मारे गये इन छापों को आतंकवादी विरोधी कार्यवाही का हिस्सा बताया है और आसपास्स की गलियों को बंद करना, कुछ कार्यकरतों के निजी घरों में भारी हत्यारों से लैस होकर बालकलावा पहन कर प्रवेश करना, यहा तक की उनमें से दो की मातयों के घरों में प्रवेश करना इसमें शामिल था. यह सब इसलिए हुआ जिससे की घरों की कोई घंटों की लंबी तलाशी ली जा सके और जिस बीच दर्जनों कंप्यूटर, हार्ड डिस्क्स और कमेरे व पशूयों के लिए प्रयोग होने वाले प्रतिदिन के बहुत से उपकरणों को जप्त कर लिया गया.

छापों के बाद, कार्यकर्ताओं को पोलीस की गाड़ियों से सॅंटियागो दे कॉंपोस्टिला, पोन्तेवएद्रा व आ कोरूñआ ले जा गया, जहाँ पर तीन दिन उन्होने पोलीस थाने की कोठरियों में संपर्क रहित रह कर गुज़रे, व अपनी गिरफ्तारी के विरोध स्वरूप भूक हड़ताल पर रहे.

पोलीस थाने में बिताए गये समय के बाद ग्यारह कार्यकर्ताओं को (बारहवां उस समय विदेश में था लेकिन बाद में स्वेच्छा से पोलीस थाने चला गया) उनकी पहली सुनवाई के लिए न्यायाधीश के सामने ले जा गया. तीन को हिरासत में भेजा गया जबकि बाकियों पर आरोप तय करके जमानत पर रिहा कर दिया.

बुधवार १३ जुलाइ २०११ को सॅंटियागो दे कॉंपोस्टिला के न्ययदिश की अदालत में सुनवाही के दौरान, हिरासत में रखे गये व रिमांड पर लिए गये तीन कार्यकर्ताओं ने अपनी अपील जीत ली व उन्हे जमानत मिल गई, २२ दिन जैल में रहने के बाद ओलाया, एनेको व एलडिओ अब जमानत पर हैं- हांलाकि बाकी नौ कार्यकर्ताओं की तरह उनपर भी आरोप लगाए गये हैं.

कार्यकर्ताओं पर क्या आरोप लगाए गये हैं?

वर्तमान में हम इतना जानते हैं की उनपर विभिन्न अपराधोके अंतर्गत आरोप लगाए गये हैं; लेकिन अभी पूरी न्यायिक प्रक्रिया को गुप्त रखने का आदेश है, इस कारण, प्रतिवादियों की कुल संख्या व उनपर लगाए गये आरोपों के असली कारण, एक ऐसी सूचना है जिस तक अभी भी हमारी पहुच नही हैं. इस प्रतीक्षा में हैं की मुक़दमे को देखने वाले न्ययधिश इस मुक़दमे की प्रक्रिया को गुप्त रखने वाले आदेश को समाप्त करे व हमे इन कार्यकरतों के विरुद्ध मौजूद समझे जाने वेल सबूतो को देखने दे.

कुछ अपराध मिंक़ों की बड़ी संख्या में रिहाई से संबंधित हैं, जिनके साथ आरोपित कार्यकरतों का कोई भी संबंध नही है.

अतिक्रमण, तोड़फोड़ व प्रवेश और रहस्यों के भेद खोलना

कार्यकर्ताओं पर अतिक्रमण, तोड़फोड़ व प्रवेश और रहस्यों के भेद खोलने के आरोप भी लगाए गये हैं.

इगुअलडद अनिमल व एक़ुआनिमल संस्थाओं के कार्यकरतों ने बिना आज्ञा लिए फार्मो व पशुओं का शोषण करने वाले अन्य केंद्रों में प्रवेश किया है- परंतु किसी भी संपत्ति को नुकसान पहुचाए बिना- इस उदेश्य के साथ की इन पशु शोषण केंद्रों में जो कुछ भी होता है उसे सार्वजनिक हित के लिए रेकॉर्ड किया जा सके.

उन्होने अपने चेहरों को बिना ढके ही प्रतीकात्मक संख्या में पशुओं को बचाया हैं (जिन्हे वे सुरक्षित घरों में ले गये हैं), पशु अधिकार आंदोलन में जिन कार्यों की ‘खुली मुक्ति’ के रूप में जाना जाता है.

इन कार्यों को इस लिए किया जाता है जिससे की आम जनता जान सके की इन स्थानो में पशुओं को किन भयानक स्थित्यों व सचईओं का सामना करना पड़ता है. यदि यह कदम ना उठाए गये होते तो इन पशुओं की  स्थिति छिपी ही रहती.

एक़ुआनिमल और इगुअलडद अनिमल के कार्यकरतों ने अपने कार्य सदा ही खुले चेहरों के साथ व अपनी पहचान छिपाए बिना ही किए हैं. वास्तव में इन दोनो संस्थाओं ने अपने कार्यों में शामिल करने के लिए संवाददाताओं को निमंत्रित किया है, जिसे बाद में व्यापक तोर पर राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारिता जगत में लोक प्रियता मिली.

सार्वजनिक अव्यवस्था अपराध

कुछ कार्यकर्ताओं पर सार्वजनिक अव्यवस्था का आरोप लगाया गया है. दोनो संस्थाओं के कार्यकर्ता ऐसे कार्य करते हैं जिन्हे नागरिक आवक्षा के रूप में परिमशित किया जायेगा. जिन्हे कार्य कहा जाये- हमेशा अहिंसक- जिनमे आम जनता सार्वजनिक रूप से अन्यायी नियम की आवक्षा करने के लिए तयार हैं और इसे होनेवाली संभावित सज़ा की ज़िम्मेदारी लेती  है.

कुछ अन्य के अलावा, संगठनो द्वारा नागरिक आवक्षा के कुछ कार्य हैं:

  • शिकार कार्यक्रमों में शांतिपूर्ण व्यवधान, इस इरादे के साथ की शिकार कार्यकरोमों के दौरान पशुओं की मृत्यु को टाला जा सके.
  •  कागज की पताकाए लेकर फॅशन कॅट्वाक व मैसा युध मैदान में घुसकर व्यवधान उत्पान करना
  • कार्यकर्ताओं द्वारा मैसा युध मैदानव अन्या इमारतों के बाहर मुंडे, पताकाए, फेकने का कार्य करना

इन कार्यों का उद्देश्य है, समाज को एक संदेश प्रसारित करना की उन पशुओं के विषय में भी सोचा जाना चाहिए जो मानव नही हैं पर मानवों की तरह उन्हे भी पीड़ा होती है और उन्हे भी अपने जीवन से उतना भी लगाव है.

इन कार्यों के साथ साथ, एक़ुआनिमल और इगुअलडद अनिमल, जो अपना ध्यान नागरिक जागृता पर लगते हैं, पशुओं के साथ हमारे संबंधानो को उजागर करने के लिये कुछ दूसरे तरीके भी अपनाते हैं जिसे की समाज में एक चेतन उत्पन्न की जा सके. इनमें से कुछ हैं:

  • बात चित
  • गली महोलों में सूचना स्टॉल
  • पत्रकारिता जगत का ध्यान आकर्षित करने के लिये ध्यानकर्षण धरने प्रदर्शन

वातावरणीय आतंकवाद: आंदोलन को प्रपराधिकृत करने के लिये अविष्कृत एक शब्द

न केवल पत्रकारिता जगत बतिक मामले को देखने वाले न्ययधिश, होज़े आंटोनीयो वाजकूवेज़ टैन, ने भी कार्यकर्ताओं पर वातावरणीय आतंकवाद अपनाने का आरोप लगाया है. यह एक नया शब्द है जिस की कोई वैधानिकता नही है, जिसका आशय पशु अधिकार आंदोलन का अपराधीकरण है.

इस शब्द का अविष्कार एक अद्वीतीय उद्देश्य से किया गया है जिसे की पशु सुरक्षा के लिए उठाया गया कोई भी कार्य इस परिभाषा के अंदर सीमित किया जा सके, और सामाजिक स्तर पर ये कार्य गैरकानूनी घोषित किए जा सके.

यह काफ़ी स्पष्ट रूप से बेतुका है, और दिनों दिन तेज़ी से उमारते एक आंदोलन का अपराधीकरण करने का प्रयास है- एक आंदोलन जो जल्दी जल्दी से पशुओं के शोषण से लाभ कमाने वालों को जवाबदेह बना रहा है.

आंदोलन का उत्पीड़न पहले से ही अंतराष्ट्रीय स्तर पर विधमान है

१. SHAC SSs(हनटिंगडून प्राणी विज्ञान की प्रयोगशालाओं को बंद करने के लिये कार्य कर रहा) का मामला जहा कुछ कार्यकर्ताओं ने एक वेबसाइट के रख रखाव के कारण ७ साल जैल में बिताये हैं.

२. ऑस्ट्रेलिया का मामला, दो साल की सुनवाई के बाद, एक़ुआनिमल और इगुअलडद अनिमल जैसी संस्थाओं के विभिन्न कार्यकर्ता सभी आरोपों से बरी किए गये, वे सभी अपराध करने के आरोप लगाने के बाद जिनसे उनका कोई संबंध नही था, स्पष्ट तौर पर उनको फसाने की ऐसी साजिश जो फर व अन्य पशु शोषण व्यापार गठबंधन द्वारा रची गयी थीं.

यह क्यो अव्यशक है कि पशु अधिकार आंदोलन व कार्यों की वैधता की रक्षा की जाये

पत्रकारिता जगत ने बार बार व लगभग एक व्यापक स्तर पर व कोई सबूत ना होने के बावजूद, अभियुक्तों के अधिकारों का उल्लंघन किया, निर्दोष होने की उपघारना की अनदेखी की, व अपने दावों का कोई सबूत न होते हुए भी उनपर ऐसे अपराधों के आरोप लगाये जिनसे उनका कोई संबंध नही है.

सिर्फ़ इतना ही नहीं, पत्रकारिता के कुछ सूत्रों ने अत्यंत झूठ समाचार फैलाया की ये संगठन अपनी वेबसाइट पर विस्फोटक उपकरण बनाना सीखते हैं. एक अत्यंत गंभीर आरोप जो पूरी तरह झुटा है.

आरोपों के कुल असत्यता को देखते हुए ऐसा लगता है कि यह गिरफ़्तारियाँ एक ऐसे स्वार्थ से जुड़ी हुई है जो पशु अधिकार आंदोलन का अपराधीकरण करना चाहते है, एक स्वार्थ जो पशु शोषण को समर्पित क्षेत्रों (उदाहरण के लिये, फर उद्योग व्यापार गत बंधन) द्वारा सफा किया जाता है.

हमे चाहिए की स्पष्ट उत्पीड़न झेल रही, आंदोलन की वैधता की हम रक्षा करें, वो आंदोलन जो एक़ुआनिमल और इगुअलडद अनिमल चला रहे हैं. हमारे समाज में पशुओं द्वारा मेली जा रही सच्चाई को प्रकाश में लाने की मुख्य भूमिका ये संगठन निभा रहा है, एक ऐसा दायित्व जो की स्पेन गणराज्य में सिर्फ़ यही निभा रहा हैं. यही कारण है कि, यह सामान्य जनता की हित में है की वे इस आंदोलन को अवैध व इसका अपराधीकरण करने के प्रयासों को अस्वीकार करे, जो एक संकेत है, कि जब किसी व्यक्ति या संस्था का कार्य किन्ही शक्तिशाली व प्रभावशाली उद्योंगो के हितोंको नुकसान करता है तो क्या हो सकता है, जैसे की स्पेन के फर उद्योग के मामले में.